भोपाल, 17 जून 2026। पर्यावरण संरक्षण और अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान "एक पौधा अपने बुजुर्गों के नाम" का शुभारंभ किया गया। अभियान की शुरुआत मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के मुख्य आतिथ्य में भोपाल में उत्साहपूर्ण वातावरण और जनसहभागिता के साथ हुई।

यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम में वक्फ जिला समिति के अध्यक्ष इरशाद अंसारी, विभिन्न वक्फ प्रबंध समितियों के पदाधिकारी, मुतवल्लीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

अभियान के प्रथम चरण में खानूगांव स्थित वक्फ मस्जिद मदरसा गाजी मय चार कुण्डी परिसर में पौधारोपण कर इसकी औपचारिक शुरुआत की गई। इसके बाद सोफिया कॉलेज स्थित कब्रिस्तान और इस्लामनगर स्थित वक्फ मस्जिद परिसर में भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपने बुजुर्गों और पूर्वजों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने सभी वक्फ प्रबंध समितियों, मुतवल्लियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लें ताकि यह अभियान स्थायी परिणाम दे सके।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने प्रदेश की वक्फ संपत्तियों, मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के आगामी चरणों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वक्फ बोर्ड के अनुसार, अभियान के तहत 18 जून 2026 को भोपाल के ताज कैम्पस, छोला कब्रिस्तान और नारियलखेड़ा स्थित स्थलों पर भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने इस जनहितैषी और पर्यावरण संरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है। बोर्ड का मानना है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।